जमीन की नई सरकारी कीमत तय करने का सर्वे शुरू, 6-10% वृद्धि संभव रायपुर | प्रशासनिक रिपोर्ट
जमीन की नई सरकारी कीमत तय करने का सर्वे शुरू, 6-10% वृद्धि संभव
रायपुर | प्रशासनिक रिपोर्ट
राज्य में जमीन की सरकारी कीमत (गाइडलाइन मूल्य) को निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत विभिन्न क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी गई है, जिससे आगामी महीनों में जमीन की कीमतों में 6-10% की वृद्धि हो सकती है।
पिछले साल 30% की छूट समाप्त होने के बाद अब नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है, जिससे जमीन खरीदना महंगा हो सकता है। सरकार का उद्देश्य बाजार और सरकारी दरों के बीच के अंतर को कम करना है।
सरकारी और निजी प्रोजेक्ट होंगे महंगेगाइडलाइन दरों में वृद्धि के चलते सरकारी और निजी दोनों प्रकार के प्रोजेक्ट महंगे हो जाएंगे। भवन निर्माण, सड़क, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की लागत बढ़ सकती है।
बाजार और सरकारी कीमतों में सुधार का फैसलारिपोर्ट के अनुसार, बीते छह वर्षों में जमीन की बाजार दरें 70% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि सरकारी दरें काफी पीछे हैं। इसे संतुलित करने के लिए नई मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
खर्च कैसे बढ़ेगा?अगर किसी जमीन का वर्तमान सरकारी मूल्य 10,428 रुपये प्रति वर्गमीटर है और इसमें 10% की वृद्धि होती है, तो नई दर 11,470 रुपये प्रति वर्गमीटर हो जाएगी। इससे स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ जाएंगे, जिससे खरीदारों को अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
आगे की प्रक्रियारिपोर्ट आने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी और नई दरें लागू की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जमीन के बाजार मूल्य को अधिक वास्तविक बनाएगा और राजस्व में वृद्धि करेगा।




